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बिहार के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान DMCH का होगा विस्तारीकरण एवं विकास, 5 अरब से भी अधिक खर्च करेगी सरकार

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दरभंगा एम्स से पहले उत्तर बिहार के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान DMCH का विस्तार और विकास होगा। DMCH के विकास का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। और बहुत जल्द ही अस्पताल के बनेंगे। हालांकि इसके लिए विभाग ने बजटीय प्रावधान किया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा DMCH के विस्तार एवं पुनर्विकास को लेकर 5.69 अरब रुपए आवंटित की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव राम ईश्वर ने इस बारे में महालेखाकार पटना को पत्र जारी किया है। दरसल पत्र में साफ-साफ कहा गया है कि DMCH के विस्तारीकरण एवं पुनर्विकास योजना फेज वन के कार्यान्वयन को लेकर वित्तीय वर्ष 2014-15 में 5 अरब 69 करोड़ 3 लाख 28 हजार 998 रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसके अंतर्गत सर्जिकल ब्लॉक के निर्माण के लिए 132.51 करोड़ की प्राकलित राशि की योजना है। इस योजना के अंतर्गत CFMS के बंधेज को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 12.80 करोड़ की राशि अतिरिक्त खर्च के लिए स्वीकृत की गयी है। आपको बता दें कि यह कार्य बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड पटना कराएगा। मालूम हो कि वर्तमान में DMCH के कई विभाग की हालत जर्जर हो चुकी हैं। ओपीडी परिसर में संचालित सर्जरी बिल्डिंग के परित्यक्त होने की वजह से मरीजों को नर्सिंग होस्टेल में शिफ्ट कर दिया गया है। जबकि रेडियोलॉजी विभाग भी सुपर स्पेशलिटी बिल्डिंग में संचालित हो रहा है।

स्थिति ऐसी है कि बारिश के मौसम में मेडिसिन विभाग के ICU का छत से पानी टपकने लगता है। इसके अलावा अन्य बिल्डिंग भी हालत जर्जर है। जबकि उधर, एम्स की वजह से कई विभागों के संचालन की समस्या उत्पन्न हो गयी है। इसमें एनाटोमी, फिजियोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री विभाग आदि शामिल है। इस कारण पठन- पाठन को लेकर प्रशासनिक दिक्कते हो गयी है।

हालांकि प्राचार्य डॉ केएन मिश्रा ने इसको लेकर सरकार को सूचित किया था। आपमो बता दूं कि पिछले वर्ष 16 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एम्स को आवंटित जमीन में से 50 एकड़ DMCH को दे दिया था। समीक्षात्मक बैठक में 150 एकड़ भूमि पर ही एम्स निर्माण करने एवं 77 एकड़ जमीन पर मास्टर प्लान के अंतर्गत DMCH के उन्नयन करने पर सहमति बनी थी।

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