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एक ऐसे आईएएस अफसर जो बनना चाहते थे सिंगर और बन गए IAS अफसर, आवाज किसी सिंगर से कम नही

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नौकरी के साथ-साथ शौक पालना एक बड़ी चुनौती है लेकिन प्रशासनिक जिम्मा संभालते हुए अपने शौक को भी बरकरार रखने वाले आईएस अधिकारी डॉ हरिओम की कहानी। कभी सिंगर बनने का ख्वाब देखने वाले डॉ हरिओम की आईएस बनने की कहानी बेहद रोचक रही है। डॉ हरिओम ही थे जिन्होंने गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी कार्रवाई कर चुके है। यूं तो डॉ हरिओम की छवि कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की रही है लेकिन संगीत और लिखने में भी महारथ हासिल है।

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से आने वाले डॉक्टर हरिओम 1997 बैच के आईएएस अधिकारी है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया फिर यही गजल, गाने, भजन और कीर्तन में रूचि जगी। संगीत डॉ हरिओम के रगों में बस गया। द ऑप्टिमिस्ट न्यूज से बातचीत में डॉ हरिओम ने बताया कि मेरी ख्वाहिश सिंगर बनने की थी। लेकिन पिता सिविल सर्विसेस के लिए प्रेरित करते रहे। शिक्षक भी कहते थे होनहार छात्र और तुम में सिविल सेवा परीक्षा पास करने की काबिलियत है।

इलाहाबाद में पढ़ने के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा देने की मन बना ली। ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद साल 1993 में जेएनयू, दिल्ली आ गए। यूपीएससी की तैयारी की और साल 1997 में परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी के लिए चुने गए। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रहकर जिला अधिकारी का दायित्व संभाला। डॉ० हरिओम उस वक्त सुर्खियों में आ गए जब उन्होंने गोरखपुर के कद्दावर नेता और तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ को हिरासत में लिया और उन्हें 11 दिनों तक जेल में गुजारने पड़े।

आईएएस अधिकारी बनने के बाद भी डॉक्टर हरिओम गजल और गानों में अपनी रूचि नहीं छोड़ी। डॉ हरिओम ने एक गाने का हिस्सा सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए कैप्शन में लिखा है “सर्द हवा और गुनगुनी धूप, कश्मीर की सरज़मीं। डल झील..चार चिनार..चार कलाकार। जहां वह कश्मीर के डल झील के पास अपने साथियों के साथ गुनगुनाते नजर आ रहे हैं। उनके इस वीडियो को लोग खासा पसंद कर रहे हैं।

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