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IAS बनने का जुनून, पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक कर बनी IPS और दूसरे प्रयास में IAS बनी गरिमा

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गरिमा अग्रवाल तेलंगाना में सहायक जिलाधिकारी के पद पर पदस्थापित हैं। गरिमा आईआईटी (IIT) हैदराबाद से ग्रेजुएट हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में अपने आईआईटी से लेकर आईपीएस और फिर आईएएस बनने तक का सफर तय की हैं।

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में एक माना जाता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं लेकिन कुछ ही सफलता हासिल कर पाते हैं। लेकिन कुछ स्टूडेंट अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा क्लीयर कर लेते हैं। 29 वर्षीय गरिमा अग्रवाल मध्य प्रदेश के खरगोन की रहने वाली है। गरिमा यूपीएससी के अपने प्रथम प्रयास में ही IPS बन गई, लेकिन उनका सपना IAS बनने का था। और उन्होंने फिर से तैयारी की और दूसरे प्रयास में IAS बनने का भी सपना पूरा किया।

गरिमा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर खरगोन से की। फिर आईआईटी से ग्रेजुएट के बाद यूपीएससी की तैयारी करने लगी। जब पहली बार एग्जाम दिया तो 240वीं रैंक हासिल की लेकिन रैंक कम होने की वजह से वह अपना सपना पूरा नहीं कर पाई। फिर उन्होंने 2018 में दूसरी बार एग्जाम दिया। और इस बार उन्हें ऑल इंडिया 40वीं रैंक मिली। इसके बाद उन्होंने 2019-20 में एलबीएस अकादमी, मसूरी में अपना प्रशिक्षण किया, यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को प्री, मेंस और इंटरव्यू की अलग-अलग तैयारी न कर एक साथ करनी चाहिए। क्योंकि प्री एग्जाम के प्रश्न भी कई बार मुख्य परीक्षा में भी पूछ लिए जाते हैं। इसके अलावा अभ्यर्थियों को समय-समय पर मॉक टेस्ट भी देते रहना चाहिए और रिविजन करते रहना चाहिए। इससे स्पीड बढ़ जाती है और एग्जाम में कोई प्रश्न छूटता नहीं है।  

गरिमा बताती है कि कोई है सफलता हासिल करने के लिए सबसे जरुरी है,धैर्य ऐसे ही यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में सफलता पाने के लिए धैर्य और निरंतरता की जरूरत है। पहली बार में सफल ना होने पर निराश नहीं होना चाहिए तथा अगली बार और कड़ी मेहनत करना चाहिए। तथा वैसे समय में निगेटिव ऊर्जा वाले व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें। क्योंकि ऐसे लोगों के पास रहने से मनोबल टूटता है जिस का असर आपकी तैयारी पर पड़ेगा।

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