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भारत नेपाल सीमा समानांतर लगभग 102 किमी लंबी सड़क का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा होने की उम्मीद

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जिले के 4 अंचलों से होकर गुजरने वाली लगभग 102 किमी लंबी भारत नेपाल सीमा समानांतर सड़क का निर्माण अगले कुछ महीनों में पूर्ण होने की उम्मीद है। दरसल अब कुर्साकांटा प्रखंड में कुआड़ी-लैलोखर-भल के बीच ही कुछ निर्माण कार्य शेष रह गया है। बताया जा रहा है कि भैरोगंज क्षेत्र में उत्पन्न हुए कुछ समस्या का हल निकलने में प्रशासन लगा है। जिला भूअर्जन कार्यालय द्वारा मिली जानकारी के अनुसार ये सीमा सड़क नरपतगंज, फारबिसगंज, कुर्साकांटा और सिकटी प्रखंडों से होकर गुजरती है। कुल 64 मौजा के अंतर्गत 455.96 एकड़ भूमि अधिग्रहण हुआ है। नरपतगंज में 207, फारबिसगंज में 67, कुर्साकांटा में 99 और सिकटी में लगभग 82 एकड़ अधिसूचित रकबा है। जिला भूअर्जन कार्यालय की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 64 में से 61 मौजा अंतर्गत कुल 452 एकड़ अधिसूचित भूमि का दखल कब्जा अधियाची विभाग को दे दिया गया है।

इस सड़क निर्माण योजना की प्राक्कलित राशि 539 करोड़ 35 लाख, 40 हजार 289 रुपये है। जानकारी के अनुसार अभी तक लगभग 300 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के एवज रैयतों को मुआवजा भुगतान किया गया है। जिला भूअर्जन कार्यालय द्वारा 497 करोड़ से अधिक की राशि व्यय हो चुकी है। रिपोर्ट के अवलोकन से यह पता चलता है कि नरपतगंज प्रखंड में अधिग्रहित 207 एकड़ का दखल कब्जा दिया गया है, लेकिन भुगतान मात्र 138 एकड़ का हुआ है। इसी प्रकार फारबिसगंज में 68 के एवज 42 एकड़, कुर्साकांटा में 98 के एवज 71 एकड़ का भुगतान हुआ है। जबकि सिकटी में अधिसूचित रकबा लगभग 82 एकड़ है लेकिन भुगतान 48 एकड़ का हुआ है। भुगतान में विलंब के विषय में कार्यालय का कहना है कि बहुत रैयत ऐसे हैं जो बार बार नोटिस के बाद भी जरूरी दस्तावेज नहीं जमा कर रहे हैं।

इसके बारे में जानकारों का कहना है कि कुछ रैयत ऐसे हैं जिनकी पुश्तैनी जमीन है। जमीन मालिक के वारिसों ने अपने अपने हिस्से के हिसाब से दाखिल खारिज नहीं कराया है। नतीजा ये है कि दशकों बाद दाखिल खारिज कराने और एलपीसी प्राप्त करने में दांतों पसीने आ रहे हैं। क्योंकि जिले में जमीन का म्यूटेशन अब भी एक जटिल समस्या बनी हुई है। वहीं सड़क निर्माण के बारे में 24 दिसंबर को DM की अध्यक्षता में हुई बैठक में जो जानकारी आरसीडी विभाग ने दी थी उसके अनुसार कुर्साकांटा प्रखंड में कुआड़ी से भलवा तक निर्माण कार्य शेष है। हालांकि काम तो जारी है लेकिन मिट्टी की समस्या आ रही है। नरपतगंज के चकोरवा और पथरदेवा में पक्का संरचना को लेकर निर्माण कार्य मे दिक्कते आ रही थी जिसे अब प्रशासन ने दूर कर दिया है। वहीं भैरोगंज और चकोरवा में भी कालीकरण का काम पूरा हो गया है। जिला भूअर्जन कार्यालय द्वारा बताया गया कि जून 2022 तक सरकार योजना पूरा करने का निर्देश दिया है।

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