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नौकरी के साथ की यूपीएससी की तैयारी, दूसरे प्रयास में UPSC क्रैक कर आईएएस बने मनीष कुमार

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यूपीएससी वो एग्जाम जिसे क्लियर करने का सपना हर साल लाखों अभ्यर्थी देखते हैं। सालों की मेहनत और लंबे इंतजार के बाद इस परीक्षा में छात्रों को सफलता मिलती है। युवाओं में आईएएस बनने का जुनून सर चढ़कर बोलता है। कई ऐसे भी युवा होते हैं जो अच्छी-खासी नौकरी और दूसरे बैकग्राउंड से पढ़ने के बाबजूद भी यूपीएससी की राह में निकल पकड़ते हैं। ऐसी ही एक कहानी दुसरे प्रयास में आल इंडिया 61वीं रैंक लाकर आईएस बने मनीष कुमार की। फुल टाइम नौकरी करते हुए यूपीएससी की तैयारी में सफलता पाने तक की कहानी अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा हो सकती है।

मनीष ने ‘दिल्ली नॉलेज ट्रैक’ से बातचीत में बताया कि यूपीएससी में सफलता पाने के लिए सबसे पहले अभ्यर्थियों को अपना सिलेबस कवर करना चाहिए। जितना स्मार्ट वर्क होगा, उतनी ही जल्दी सफलता मिलेगी। मनीष बताते हैं, ‘नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी करना सकारात्मक रहता है। उस वक्त ये ख्याल मन में नहीं आता है कि यूपीएससी में असफलता पाने के बाद नौकरी ना लगने की टेंशन नहीं रहती है। नौकरी के साथ परीक्षा की तैयारी करना भविष्य के लिहाज से भी सुरक्षित होता है नौकरी के साथ कई घंटों का वक्त निकालकर यूपीएससी की तैयारी करना बेहद मुश्किल काम है।’

मनीष इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं। पढ़ाई के बाद नौकरी करने लगे फिर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। पहले प्रयास में सफलता मिली लेकिन दूसरे ही प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की। साल 2017 यूपीएससी के घोषित नतीजे में मनीष ने 61 वी रैंक लाकर कामयाबी पाई है।

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